1) ❛सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है
और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है।❜
2) “कोशिश” न कर,तू सभी को ख़ुश रखने की,
नाराज तो यहाँ, कुछ लोग, खुदा से भी हैं….!!
3) हम भी लगाव रखते हैं
पर बोलते नही,
क्योकि हम रिश्ते निभाते है
तौलते नही……….
4) कभी कभी मरहम नहीं.
जख्म भी इन्सान को जिंदा रखता है।
5) हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !
समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!
6) बहुत सोचा, बहुत समझा, बहुत देर तक परखा,
तन्हा हो के जी लेना मोहब्बत से बेहतर है
7) दस्तक और आवाज तो कानों के लिए है..
जो रुह को सुनाई दे उसे खामोशी कहते हैं…”
8) जिसे देखो हवा में रहता है
फिर ये जमीं पर इतनी भीड क्यूं है
9) “भूख, महंगाई, गरीबी …
इश्क मुझसे कर रही थीं
एक होती तो निभाता
तीनों मुझपे मर रही थी”
10) दर्द,गम,डर जो भी है
बस तेरे अंदर है
खुद के बनाये पिंजरे से
निकलकर देख
तू भी एक सिकंदर है
11) “हम” से “मैं” पर आते ही
“अभिमान” शुरू और…
“मैं” से “हम” पर आते ही…
“प्रगति” और “परिणाम” शुरू
12) हिम्मत नहीं ….तो प्रतिष्ठा नहीं
विरोधी नहीं ….तो प्रगति नहीं
13) ❛सुनना” सीख लीजिये
तो “सहना” भी सीख जाओगे
और सहना सीख लिया तो
“रहना” भी सीख जाओगे❜
14) ❛धन से ज्ञान उत्तम है,
क्योंकि धन की रक्षा
करनी पड़ती है और
ज्ञान हमारी रक्षा करता है❜
15) ❛कोई हमारी गलतियां निकालता है
तो हमें खुश होना चाहिए!! क्योंकि
कोई तो है जो हमें पूर्ण दोष रहित बनाने के लिए
अपना दिमाग और समय दे रहा हैं❜
16) ❛दो तथ्य हमारे व्यक्तित्व को परिभाषित करते है
एक-हमारा “धीरज” जब हमारे पास कुछ ना हो!!
दूसरा-हमारा “व्यवहार”जब हमारे पास सब कुछ हो❜
17) ❛हर नजर में मुमकिन नहीं है बेगुनाह रहना,
कोशिश करता हूँ कि खुद की नजर में बेदाग रहूँ।❜
18) ❛यदि आप गुलाब की तरह खिलना चाहते हैं,
तो काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी।❜
19) ❛हलकी फुलकी सी होती है जिन्दगी,
बोझ तो ख्वाहिशों का होता है।❜
20) ❛यक़ीनन, विश्वास की चोट बहुत बुरी होती है
मगर जिंदगी भी नई! वहीं से, शुरू होती है❜
21) मनुष्य अपने जीवन में पुरा दिन
काम करके इतना नही थकता
जितना वह एक पल की चिंता से
थक जाता है।
23) जिंदगी में समस्या तो
हर दिन नई खड़ी है,
जीत जाते है वो जिनकी
सोच कुछ बड़ी है
आओ… आज मुश्किलों
को हराते हैं
चलो आज
दिन भर मुस्कुराते हैं..!!




