असफलता के 31 प्रमुख कारण ( सोचिए और अमीर बनिए किताब से)
31 Major Causes of Failure (Think and Get Rich from the Book)
31 Major Causes of Failure (Think and Get Rich from the Book)असफलता के 31 प्रमुख कारण ( सोचिए और अमीर बनिए किताब से)
जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि बहुत से लोग गंभीरता से प्रयास करते हैं और असफल होते हैं! विडंबना यह है कि ज़्यादातर लोग असफल होते हैं और बहुत कम लोग ही सफल हो पाते हैं। मुझे एक बार हज़ारों स्त्री-पुरुषों के विश्लेषण का अवसर मिला और उनमें से 98% लोग असफल लोगों की श्रेणी में थे।
मेरे विश्लेषण ने यह साबित किया कि असफलता के पीछे 31 प्रमुख कारण होते हैं। विश्लेषण से वे 13 प्रमुख सिद्धांत भी सामने आए, जिनके द्वारा लोग दौलत इकट्ठी कर सकते हैं। इस अध्याय में असफलता के 31 प्रमुख कारणों का विस्तार से वर्णन किया जा रहा है। जब आप सूची को पढ़ें तो अपनी तरफ़ देखकर यह सोचें कि कहीं यही आदत आपके और सफलता के बीच आड़े तो नहीं आ रही है, और कहीं आप इसी आदत की वजह से तो असफल नहीं हो रहे हैं।
1.हानिकारक आनुवंशिक पृष्ठभूमि : ऐसे लोगों का कुछ नहीं किया जा सकता जिनके मस्तिष्क की शक्ति कमज़ोर हो। यह फ़िलॉसफ़ी इस कमज़ोरी को दूर करने का केवल एक ही तरीक़ा सुझा सकती है– मास्टर माइंड की सहायता। बहरहाल, इस बात का लाभ उठाएँ कि यह असफलता के 31 कारणों में से एकमात्र कारण है जिसे व्यक्ति द्वारा आसानी से नहीं सुधारा जा सकता।
2.जीवन में अच्छी तरह परिभाषित लक्ष्य का अभाव : ऐसे आदमी के लिए सफलता की कोई आशा नहीं है जिसका कोई केंद्रीय लक्ष्य या निश्चित लक्ष्य नहीं होता जिस पर वह निशाना साधे। मैंने जिन लोगों का विश्लेषण किया उनमें से 98 प्रतिशत के पास ऐसा कोई लक्ष्य नहीं था। शायद यही उनकी असफलता का प्रमुख कारण था।
3.औसत दर्जे से ऊपर उठने की महत्वाकांक्षा का अभाव :
हम ऐसे आदमी को कोई आशा प्रदान नहीं कर सकते जो उदासीन है और जीवन में आगे नहीं बढ़ना चाहता और जिसमें क़ीमत चुकाने की इच्छा भी नहीं है।
4.अपर्याप्त शिक्षा :
यह एक ऐसी कमी है जिसे तुलनात्मक रूप से आसानी से पूरा किया जा सकता है। अनुभव से साबित हुआ है कि सर्वश्रेष्ठ शिक्षित लोग अक्सर वे होते हैं जो “स्व-निर्मित” या “स्व-शिक्षित” होते हैं। शिक्षित व्यक्ति बनने के लिए सिर्फ़ कॉलेज की डिग्री ही काफ़ी नहीं होती। शिक्षित आदमी वह होता है जिसने वह चीज़ पाना सीख लिया है जो वह जीवन में पाना चाहता है और इस प्रक्रिया में वह दूसरों के अधिकारों का हनन नहीं करता। शिक्षा में सिर्फ़ ज्ञान ही शामिल नहीं है, बल्कि ज्ञान का प्रभावी और सतत प्रयोग भी शामिल है। लोगों को सिर्फ़ उनके ज्ञान के लिए ही पैसे नहीं मिलते, बल्कि इस बात के पैसे मिलते हैं कि वे अपने ज्ञान का किस तरह उपयोग करते हैं।
5.आत्म–अनुशासन की कमी : अनुशासन स्वयं पर नियंत्रण से आता है। इसका अर्थ यह है कि इंसान को सभी नकारात्मक गुणों को नियंत्रण में रखना चाहिए। स्थितियों को नियंत्रित करने से पहले आपको सबसे पहले खुद पर नियंत्रण रखना होगा। ख़ुद को अनुशासित करना सबसे कठिन कार्य है। अगर आप खुद को नहीं जीत पाते, तो आप ख़ुद से हार जाएँगे। शीशे के सामने खड़े होने पर आपको अपना सबसे अच्छा दोस्त और अपना सबसे बड़ा दुश्मन एक साथ खड़ा नज़र आएगा।
6.बुरा स्वास्थ्य : कोई भी आदमी अच्छे स्वास्थ्य के बिना उल्लेखनीय सफलता का सुख नहीं भोग सकता। बुरे स्वास्थ्य के कई कारणों पर क़ाबू पाया जा सकता है। इनमें से मुख्य हैं : अ.स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भोज्य पदार्थ अधिक मात्रा में खाना। ब.विचार की बुरी आदतें; नकारात्मक बातें बोलना। स.सेक्स की अधिकता या उसका ग़लत प्रयोग। द.उचित शारीरिक व्यायाम का अभाव। इ.ग़लत तरीक़े से साँस लेने के कारण स्वच्छ हवा की अपर्याप्त आपूर्ति।
7.बचपन में के बुरे प्रभाव : “जिस तरह से पौधे को मोड़ा जाता है, उसी तरह का पेड़ उगेगा।” आपराधिक प्रवृत्ति वाले अधिकांश लोगों की ऐसी प्रवृत्ति बुरे माहौल और बचपन की बुरी संगत का परिणाम होती है।
8.टालमटोल : यह असफलता के सबसे आम कारणों में से एक है। टालमटोल करने वाला बूढ़ा आदमी हर इंसान की छाया में खड़ा रहता है और इंतज़ार करता है कि कब उसे सफलता के अवसर को बिगाड़ने का मौक़ा मिले। हममें से अधिकांश लोग जीवन भर असफल होते रहते हैं क्योंकि हम किसी महत्वपूर्ण का
को शुरू करने से पहले “सही समय” का इंतज़ार करते हैं। इंतज़ार मत कीजिए। समय कभी पूरी तरह सही नहीं होगा। जहाँ आप खड़े हैं वहीं पर शुरू कर दीजिए और आपके पास जो औज़ार हैं उन्हीं से काम करना शुरू कर दीजिए। जब आप आगे बढ़ेंगे तो बेहतर औज़ार आपको अपने आप मिल जाएँगे।
9.लगन का अभाव : हममें से अधिकांश लोग शुरुआत करने में तो अच्छे होते हैं परंतु अपने शुरू किए गए कामों को पूरा करने में बहुत कमज़ोर होते हैं। यही नहीं, लोगों की यह आदत होती है कि वे पराजय की संभावना नज़र आते ही हिम्मत हार जाते हैं। लगन का कोई विकल्प नहीं होता। वह आदमी जो लगन को अपना मंत्र बनाता है यह पाता है कि असफलता आख़िरकार थक चुकी है और उसके जीवन से हमेशा–हमेशा के लिए दूर जा चुकी है। असफलता लगन का मुक़ाबला नहीं कर सकती।
10.नकारात्मक व्यक्तित्व : ऐसे आदमी के लिए सफलता की कोई आशा नहीं है जो नकारात्मक व्यक्तित्व के कारण लोगों को अपने से दूर कर देता है। सफलता शक्ति के प्रयोग के द्वारा आती है और शक्ति दूसरे लोगों के सहयोगपूर्ण प्रयासों के द्वारा हासिल की जाती है। नकारात्मक व्यक्तित्व से सहयोग नहीं मिलता।
11.कामेच्छा पर नियंत्रण का अभाव : सेक्स की ऊर्जा उन सभी प्रेरक ऊर्जाओं में सबसे शक्तिशाली है जिनसे लोग कार्य के लिए प्रवृत्त होते हैं। चूँकि यह सबसे सशक्त भाव है इसलिए इसे नियंत्रित किया जाना चाहिए और रूपांतरण के द्वारा दूसरे चैनलों में बदलना चाहिए।
12.“कुछ नहीं के बदले कुछ पाने” की अनियंत्रित इच्छा : जुए की प्रवृत्ति लाखों लोगों को असफल बना देती है। इसका प्रमाण 1929 के वॉल स्ट्रीट क्रैश के अध्ययन में पाया जा सकता है जिस दौरान लाखों लोगों ने स्टॉक मार्जिन पर जुआ खेलकर पैसा बनाने की कोशिश की।
13.निर्णय की उचित शक्ति का अभाव : जो लोग सफल होते हैं वे तत्काल निर्णय पर पहुँचते हैं और अगर वे उन निर्णयों को बदलते हैं तो बहुत देर से बदलते हैं। जो लोग असफल होते हैं वे या तो निर्णय ही नहीं ले पाते या फिर बहुत देर से निर्णय लेते हैं परंतु वे अक्सर अपने निर्णय बदल लेते हैं और पल भर में बदल लेते हैं। अनिर्णय और टालमटोल जुड़वाँ भाई हैं। जहाँ एक मिलेगा, आम तौर पर दूसरा भी वहीं पर मिलेगा। इन जुड़वाँ भाइयों को मार डालें इससे पहले कि वे आपको असफलता के खूँटे से बाँध दें।
14.छह मूलभूत डरों में एक या इससे अधिक : अंतिम अध्याय में इन डरों का विश्लेषण किया गया है। अपनी सेवाओं की प्रभावी मार्केटिंग करने से पहले आपको इन डरों को जीतना होगा।
15.विवाह में ग़लत जीवनसाथी का चुनाव : यह असफलता का सबसे आम कारण है। विवाह का रिश्ता लोगों को अंतरंग रूप से क़रीब लाता है। जब तक यह रिश्ता सुखद तालमेल का न हो, असफलता निश्चित रूप से आपका पीछा करेगी। इससे भी बड़ी बात यह है कि यह असफलता का एक ऐसा रूप होगा जिसमें दुख और कष्ट हैं जो महत्वाकांक्षा के सभी लक्षणों को नष्ट कर देंगे।
16.अति–सावधानी : वह व्यक्ति जो ज़रा भी जोखिम नहीं लेता आम तौर पर उसे वही मिलता है जो बचा रहता है क्योंकि दूसरे लोग, जिन्होंने जोखिम लिया, अच्छी चीज़ें चुनकर ले जा चुके हैं। अति–सावधानी भी उतनी ही बुरी है जितनी कि कम–सावधानी। दोनों तरह की अति से बचें। यह न भूलें कि जीवन में जोखिम का तत्व हमेशा रहता है।
17.बिज़नेस में सहयोगियों का ग़लत चुनाव : यह बिज़नेस में असफलता के सबसे आम कारणों में से एक है। व्यक्तिगत सेवाओं की मार्केटिंग में आपको ऐसा नियोक्ता चुनने में बहुत सावधानी बरतनी होगी जो आपको प्रेरणा दे और जो स्वयं बुद्धिमान और सफल हो। हम उन लोगों का अनुसरण करते हैं जिनके साथ हम क़रीबी संपर्क में रहते हैं। ऐसा नियोक्ता चुनें अनुसरण करने लायक हो।
18.अंधविश्वास और पूर्वाग्रह : अंधविश्वास डर का एक रूप है। यह अज्ञान की निशानी भी है। जो लोग सफल होते हैं वे अपने दिमाग़ खुले रखते हैं और किसी चीज़ से नहीं डरते।
19.व्यवसाय का ग़लत चुनाव : कोई आदमी किसी ऐसी लाइन में सफल नहीं हो सकता जिसे वह पसंद न करता हो। व्यक्तिगत सेवाओं की मार्केटिंग में सबसे महत्वपूर्ण क़दम है एक ऐसा व्यवसाय चुनना जिसमें आप अपने आपको पूरे उत्साह से झोंक सकें।
20.प्रयास में एकाग्रता का अभाव : सभी व्यवसायों की थोड़ी–बहुत जानकारी रखने वाला व्यक्ति किसी भी व्यवसाय में विशेष निपुण नहीं होता। अपने सभी प्रयासों को एक निश्चित प्रमुख लक्ष्य पर केंद्रित और एकाग्र करें।
21.फ़िज़ूलख़र्ची की आदत : फ़िज़ूलख़र्च आदमी कभी सफल नहीं हो सकता और इसका प्रमुख कारण यह है कि वह हमेशा ग़रीबी के डर में जीता है। अपनी आय में से एक निश्चित प्रतिशत हिस्सा अलग रखकर नियोजित बचत की आदत विकसित करें। जब आप व्यक्तिगत सेवाओं की बिक्री में सौदेबाज़ी करेंगे तो बैंक में रखा पैसा आपके साहस की सुरक्षित आधारशिला होगा। पैसे के बिना आपको वह लेना होगा जो आपको दिया जा रहा है और आपको वह पाकर ख़ुशी होगी।
22.उत्साह का अभाव : उत्साह के बिना कोई भी विश्वास नहीं जगा सकता। यही नहीं, उत्साह संक्रामक होता है और जिसमें यह नियंत्रित अवस्था में होता है उस व्यक्ति का आम तौर पर सभी लोग स्वागत करते हैं।
23.असहिष्णुता : बंद दिमाग़ वाला आदमी अपवादस्वरूप ही आगे बढ़ पाता है। असहिष्णुता का अर्थ यह है कि उसने ज्ञान हासिल करना बंद कर दिया है। असहिष्णुता के सबसे विनाशकारी रूप धर्म, प्रजाति और राजनैतिक विचारों के मतभेदों से संबंधित हैं।
24.असंयम : असंयम के सबसे विनाशकारी रूप भोजन, मदिरा और सेक्स की गतिविधियों से संबंधित हैं। इनमें से किसी में भी अति सफलता के लिए घातक होती है।
25.दूसरों के साथ सहयोग करने की अयोग्यता : ज़्यादातर लोग जीवन में अपने पद और बड़े अवसर इस ग़लती के कारण गँवा देते हैं। इस कारण जितने लोग असफल होते हैं, उतने बाक़ी सभी कारणों को मिला देने पर भी नहीं होते। यह एक ऐसी ग़लती है जो कोई भी समझदार बिज़नेसमैन या लीडर सहन नहीं करेगा।
26.शक्ति जिसे आपने अपने प्रयासों से हासिल न किया हो : (दौलतमंद लोगों के पुत्र–पुत्रियाँ और बाक़ी लोग जिन्होंने धन विरासत में हासिल किया है और जिसे न उन्होंने खुद कमाया है न ही वे उसके योग्य हैं।) ऐसे आदमी के हाथ में शक्ति, जिसे उसने ख़ुद धीरे–धीरे हासिल न किया हो, सफलता के लिए घातक है। फटाफट अमीरी ग़रीबी से भी अधिक ख़तरनाक है।
27.जान–बूझकर की गई बेईमानी : ईमानदारी का कोई विकल्प नहीं है। परिस्थितियों के दबाव के कारण, जिन पर इंसान का कोई नियंत्रण नहीं होता, कोई भी क्षणिक तौर पर बेईमानी कर सकता है और इससे कोई स्थाई हानि नहीं होगी। परंतु ऐसे आदमी के लिए कोई आशा नहीं है जो जान–बूझकर बेईमानी का रास्ता चुनता है। देर–सबेर उसे अपने कार्यों का फल मिलेगा और इसका परिणाम यह हो सकता है कि उसकी प्रतिष्ठा मिट्टी में मिल जाए या वह अपनी स्वतंत्रता तक गँवा बैठे।
28.घमंड और अहंकार : यह गुण लाल बत्तियाँ हैं जो दूसरों को दूर रहने की चेतावनी देती हैं। यह सफलता के लिए घातक हैं।
29.सोचने के बजाय अनुमान लगाना : ज़्यादातर लोग इतने उदासीन या आलसी होते हैं कि वे सही सोचने के लिए आवश्यक पूरे तथ्य हासिल करने का कष्ट नहीं उठाते। वे अंदाज़े के आधार पर आए “विचारों” पर या बिना सोचे–समझे झटपट निर्णय करना पसंद करते हैं।
30.पूँजी का अभाव : यह उन लोगों में असफलता का एक आम कारण है जो पहली बार बिज़नेस में उतरते हैं और उनके पास अपनी ग़लतियों के झटके को सहन करने के लिए पूँजी का पर्याप्त रिज़र्व फ़ंड नहीं होता, जिसके द्वारा वे अपने आपको बाज़ार में तब तक बनाए रख सकें जब तक कि उनकी प्रतिष्ठा स्थापित न हो जाए।
31.इसमें आप असफलता के उस विशिष्ट कारण को लिख लें जिससे आप पीड़ित हैं परंतु जो इस सूची में शामिल नहीं है। असफलता के इन 31 प्रमुख कारणों में जीवन की विडंबना का वर्णन मिलता है, जो लगभग हर उस आदमी के बारे में सही है जिसने कोशिश की है और जो असफल हुआ है। यह सहायक होगा यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को प्रेरित कर सकें जो आपको अच्छी तरह से जानता हो कि वह आपके साथ इस सूची को पढ़े और असफलता के
31 कारणों के संदर्भ में आपका विश्लेषण करे। अगर आप इसे अकेले भी आज़माना चाहते हैं तो भी कोई हर्ज़ नहीं है। परंतु अधिकांश लोग अपने आपको उस तरह से नहीं देख पाते 6https://t.me/inspirationdiary तरह से दूसरे लोग उन्हें देखते हैं। हो सकता है कि आप भी उनमें से हों जो ऐसा नहीं कर पाते।
स्रोत : सोचिए और अमीर बनिए की किताब से लिया गया है।
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