यह चार मोटिवेशन कहानियां आपकी जिंदगी बदल देगी , Short Motivational Story In Hindi

Short Motivation Story In Hindi :- दोस्तों आज हम इस ब्लॉग में बहुत ही बेहतरीन यह 4 Motivational Story For Successful जीवन बनाने के लिए पोस्ट किए हैं । अगर आप भी एक हिंदी पाठक हैं और आप भी कहानियां पढ़ने में दिलचस्पी रखते हैं तो यह Inspiration Story In Hindi आप एक बार पूरा जरूर पढ़िए गा । जिसके बाद आपके जीवन में बदलाव आना शुरू हो जाएगा अगर आप इन चार Sort Motivational Story पर अमल किए । हम आपके के लिए बड़े मेहनत से यह कहानियां चुन कर पोस्ट किए हैं। आप इसे पढ़ कर हमे कमेंट में जरूर बताइएगा की आपको यह पोस्ट कैसा लगा।

Short Motivational Story In Hindi :- ऊँट का बच्चा और उसकी माँ

एक ऊंटनी और उसका बच्चा लेटे हुए थे की अचानक बच्चे ने पूछा, “माँ, एक सवाल पू? माँ ने कहा, “जरूर। क्या हुआ बेटा? क्या कोई बात तुम्हे लग रही है?” बच्चे ने कहा, “ऊँटों के कूबड़ क्यों होता है?” माँ ने कहा, “बेटा, हम रेगिस्तान के जानवर हैं, हमें कूबड़ पानी इकट्ठा करने के लिए चाहिए होता है और हमे पानी के बिना रह पाने के लिए जाना जाता है।

” बच्चे ने कहा, “अच्छा, फिर क्यों हमारे पैर इतने लम्बे और पंजे गोल हैं?” माँ ने कहा, “ताकि बेटा, हम रेगिस्तान में चल सकें” जानते हो ऐसे पैरों के साथ हम और किसी के मुकाबले रेगिस्तान में जल्दी-जल्दी चल सकते हैं। बच्चे ने कहा, तो हमारी पलकें क्यों इतनी लम्बी होती हैं? कभी-कभी इनसे मुझे देखने में तकलीफ होती है।” माँ ने गर्व से कहा, * बेटा, ये लम्बी पलकें हमारी आँखों की सुरक्षा के लिए हैं

ताकि रेगिस्तान की आंधी और धूल हमारी आँखों में ना पड़ती रहे।” बच्चे ने कुछ सोच कर कहा, “अच्छा तो कूबड़ रेगिस्तान में पानी रखने के लिए है, पैर रेगिस्तान में चलने के लिए हैं और ये पलके रेगिस्तान में मेरी

आँखें बचाने के लिए हैं तो फिर भगवान के नाम पर हम यहाँ इस चिड़ियाघर में क्या कर रहे हैं?1?”

सबक:

कौशल, जान, गुण और तजुर्बा तभी काम आता है जब हम सही जगह पर हो|

Success Motivational Story In Hindi :- अपनी चिंताओं को जाने दें!

एक मनोवैज्ञानिक कमरे में घूम कर वहाँ बैठे लोगों को अपनी चिंताओं पर काबू करने के बारे में सिखा रही थी| जब उसने पानी का एक गिलास उठाया तो लोगों ने सोचा वह पूछेगी वही सवाल की “गिलास आधा भरा हुआ है या खाली है”| मगर चेहरे पर एक मुस्कान के साथ, उसने पूछा: “ये पानी का गिलास कितना भारी है?”

जवाब आए 8 ग्राम से 20 ग्राम के बीच में|
उसने जवाब दिया इसका असली वजन मायने नहीं रखता। फ़र्क इससे पड़ता है कि मैं इसे कितनी देर पकडे रहती हूँ। अगर मुझे इसे एक मिनट पकड़ना है तो कोई मुश्किल नहीं है। अगर मुझे इसे एक घंटे पकड़ कर रखना पड़े, तो मेरा हाथ दुखने लगेगा अगर मैं इसे एक दिन पकड़ कर रखूं, मेरा हाथ सुन्न पड़ जायेगा और पंगु हो जायेगा| हर हालत में गिलास के वज़न में फर्क नहीं आया, मगर जितनी ज्यादा देर मैंने इसे

पकड़ कर रखा, उतना ये भारी होता गया। उसने आगे कहा, “ज़िन्दगी में आने वाली चिंताएं और दुःख भी इस पानी के गिलास की तरह हैं। इनके बारे में थोड़ी देर सोचिये और कुछ नहीं होगा। इनके बारे में कुछ ज्यादा सोचेंगे तो ये दर्द पहुंचाने लगेंगे। और अगर आप इनके बारे में पूरे दिन सोचेंगे, तो ये आपको पंगु बना देंगे कुछ करने के काबिल नहीं रहेंगे।”

जरुरी है यह याद रखना कि आपको अपनी चिंताओं को जाने देना है। शाम को जितना जल्दी हो सके, अपनी सभी चिंताओं को नीचे रख दें। उन्हें शाम से रात में ना ले जाएँ| गिलास को नीचे रखना याद रखिये।

These four Motivation stories will change your life, Motivational Story in Hindi
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Sort Motivational Story In Hindi :- हाथी की रस्सी

एक बार एक आदमी हाथियों के पास से गुज़र रहा था कि वो ये देख कर हैरान हो कर रुक गया कि इतने बड़े जानवरों को बाँधने के लिए उनके अगले पैर में एक छोटी सी रस्सी बाँधी हुई थी| कोई चेन नहीं, कोई पिंजरे नहीं। ये स्वाभाविक दिख रहा था कि ये हाथी जब चाहे जब ये रस्सी तोड़ कर भाग सकते थे, मगर कुछ कारण था कि वे ये बंधन तोड़ने का प्रयास नहीं कर रहे थे

उसने वहाँ खड़े हाथियों के प्रशिक्षक से पूछा कि ये जानवर खड़े क्यों रहते हैं और क्यों भागने का प्रयास नहीं करते| प्रशिक्षक ने कहा, “जब से ये बहुत छोटे थे तभी से हम इन्हें इस रस्सी के साथ बाँध कर रखते थे और उस उम्र के लिए वह काफी थी| जैसे-जैसे वो बड़े होते गए उनके दिमाग में बैठ गया

कि वे इससे नहीं निकल सकते| उन्हें लगता है रस्सी अभी भी उन्हें बाँध सकती है, इसलिए वो कभी भागने की कोशिश करते ही नहीं हैं। आदमी हैरान था ये जानवर कभी भी इस बंधन से निकल कर आज़ाद हो सकते थे मगर वे सिर्फ इसलिए यहाँ फंसे हुए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वे आज़ाद नहीं हो सकते|

सीख -:
इन हाथियों की तरह ही जाने हम में से कितने हैं जो ज़िन्दगी में किसी परिस्तिथि से इसलिए जूझ रहे हैं क्योंकि एक बार उसमे विफल हो जाने के बाद से हमारे मन में यह बात घर कर गई है कि हम इससे आज़ाद नहीं हो सकते?

असफलता सीखने का एक हिस्सा है, जीवन में कभी कोशिश करना नहीं छोड़ना चाहिए.

Best Story In Hindi :- दो किसान

एक गांव में 2 किसान रहता था दोनों किसानों का एक ही काम था अपना खेती, गृहस्ति और घर के काम काज करते थे । दोनों किसानों ने अपने कामकाज में बहुत ही मेहनत किया करते थे , लेकिन उसमें से एक किसान ऐसा था । कि जो अपने ऊपर विश्वास नहीं रखता था और अपने भगवान से शिकवा शिकायत करता रहता था कि भगवान मुझे तुमने यह नहीं दिया वह नहीं दिया । दी भी तो कैसे जिंदगी भी क्या ऐसा भी जिंदगी किसी इंसान का होता है।

वह किसान हर वक्त अपने आप पर रोता रहता था और दूसरा किसान जितना उसके पास था उसी में खुश रहता था । अपने भगवान विश्वास रखता था. ऊपर वाले का हर वक्त शुक्रिया अदा करता था । कि मुझे आपने ऐसी जिंदगी दी। वक्त गुजरने के बाद दोनों किसानों का मौत हो जाता है दोनों किसानों के मौत होने के बाद जब वह अपने भगवान के पास पहुंचते हैं तो

भगवान उनसे पूछता है बोलो तुम्हें अब क्या चाहिए ?
पहला किसान गुस्से में बोला भगवान तूने मुझे कैसी जिंदगी दी । यहां भी भला कोई जिंदगी होती है . जब भी मैं कुछ पैसा कमाता था किसी ना किसी को देना ही पड़ता था। कभी इस चीज का टेंशन तो कभी इस चीज का टेंशन मैं हर वक्त परेशान हूं रहता था यह भी कोई जिंदगी था। अब आप मुझे ऐसे जिंदगी में जहां पर मैं पैसा कमाउ देना मत पड़े बस लेना ही पड़े किसी चीज का हमें कमी ना रहे । भगवान बोले ठीक है तू जा जैसा तू कह रहा है वैसा ही तुझे जिंदगी दूंगा।

अब दूसरे किसान की बारी आई भगवान ने बोलो अब तुम क्या चाहते हो , किसान बोला भगवान तू ने मुझे इतना जिंदगी दी, इतना अच्छा परिवार दिया मुझे किसी भी चीज की कमी नहीं थी। मैंने कभी भूखा नहीं सोया मैंने कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाए। मुझे बस एक ही कमी रह गई थी। जो मेरे दरवाजे पर भूखे लोग आते थे। उन्हे पेट भर के खाना नहीं खिला पाता था।

तू मुझे इतना बस इतना दे की कोई मेरे दरवाजे से भूखा न जा सके , कोई मेरे दरवाजे से खाली न जा सके बस मै देता रहू। भगवान ने बोला ठीक है । दोनों आदमी फिर धरती पर पहुंचे । पहला किसान जिसने कहा था. मुझे देना मत पढ़े बस लेना पड़े वह किसान उस गांव का सबसे बड़ा भिखारी बन गया दूसरा किसान जिसने बोला था मुझे किसी को खाली हाथ भूखा पेट ना लौटना पड़े। वहां बना उस गांव का सबसे अमीर आदमी जो अभी इंसान को खाली जेब और खाली पेट अपने दरवाजे से नहीं लौटाता था।

सीख -:
दोस्तों अपने रब पर भरोसा रखिए देने से किसी इंसान को कम नहीं होता चाहे वह खाना या पैसा अगर आप किसी इंसान को उसे परेशानी में मदद करेंगे तो उसके बदले आपका मदद ऊपर वाला करेगा।

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