मजाक मजाक में जिंदगी कब मजाक
बन गई पता ही नहीं चला
खोई हुई चीज को याद ना
कर जो मिला है उसे बर्बाद ना कर
किसी ने पूछा सब कुछ जान कर भी
चुप कैसे हो जाते हो
जवाब दिया
कौन कितना गिर जाता है
यह देखना अच्छा लगता है
जिंदगी में और कुछ हो या ना हो
लेकिन गलती हमेशा हमारी ही होती है
छोटी छोटी चीजों में खुशियों ढूंढो
जिंदगी अपने आप बड़ी नजर आने लगेगी
चुप हुआ हू सिर्फ तेरे खुशी के लिए
ये मत सोचना की दिल नहीं दुखता
मै थोड़ा सा उजाला मांगा था जिंदगी में
मेरे चाहने वालों ने तो आग ही लगा दी
वादा तो हर किसी से करते हो
फिर निभाने से क्यू डरते हो
दुनिया में सबसे ज्यादा अच्छा इंसान वह है
जो रूठने के बाद भी सिर्फ एक मुस्कुराहट पर मान जाता है
चाहने वालो की कमी नहीं है दुनिया में
अकाल तो निभाने वालो का पड़ा है
जिंदगी छोटी नहीं होती
लोग जीना ही देर से करते हैं
जो पहली बार हुई है मुझे
तुम वो आखरी मोहब्बत हो
कितनी कातिल है आरज़ू ज़िन्दगी के
लोग मर जाते हैं किसी पर जीने के लिए
कैसे सीने से लगाऊ किसी और के हो तुम
मेरे होते तो बताते मोहब्बत कहते हैं
आप सामने हों और हम हद में रहे
मोहब्बत में कोई इतना भी सरीफ नहीं होता
कुछ अधूरापन था जो पूरा हुआ ही नहीं
कोई था जो मेरा हुआ ही नहीं
मोहब्बत जिंदगी बदल देती है
मिल जाए तब भी और ना मिले तब भी
बेहतर है यूं ही अकेले रहना
कोई मिल गया तो धोखा दे जाएगा
उसे सिर्फ अपने हालातों का पता है
मेरे हाल की उसे खबर ही नहीं
इंसान सबसे ज्यादा जलील
अपने पसंद के लोगो से होता है



